Dyslexia meaning in Hindi | Dyslexia kya hai

Dyslexia meaning in Hindi : दोस्तों कैसे हैं आप सब, हम उम्मीद करते हैं कि आप बहुत अच्छे होंगे और अपने स्कूल कॉलेज और Work में अच्छा परफॉर्म कर रहे होंगे और अपने ऐसे दोस्तों, Classmates, Family members और colleges को सपोर्ट भी करते होंगे जिन्हें कई बार चीजों को समझने में प्रॉब्लम आती है | जैसे Reading करना यानी Words, Letters और Numbers को समझना जिनके लिए एक Difficult Task होता है |

Dyslexia meaning in Hindi
Dyslexia meaning in Hindi

अक्सर हम सोच लेते हैं कि अगर कोई ठीक से पढ़ नहीं पा रहा है या स्पेलिंग या नंबर लिखना उसे नहीं आ रहा है या फिर उसके मार्क्स काफी कम आया करते हैं | तो वो एक कमजोर Student या Employee होगा लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा कि वह Classmates, दोस्त या Family Member Dyslexia का Patient भी हो सकता है |

अगर आप अभी तक ऐसा नहीं सोच पाए हैं तो कोई बात नहीं क्योंकि हो सकता है कि इस बारे में आप कुछ नहीं जानते हो | लेकिन इस Article को Read करने के बाद आप जान जाएंगे कि Dyslexia क्या है ?, Dyslexia क्यों होता है ? कैसे होता है | Symptoms of Dyslexia, Dyslexia meaning in Hindi, Dyslexia kya hai ? और इसका इलाज कैसे होता है |

इसलिए इस Article को पूरा जरूर पढ़ें क्योंकि Health Related Information लेना अच्छा है साबित होता है | Health is the Real Wealth | चलिए सुरु करते है और Dyslexia के बारे में Detail में जानते हैं |

Dyslexia meaning in Hindi | Dyslexia kya hai

Dyslexia एक Learning Disorder है जिसमें Reading में Difficulty होती है इसलिए इसे Reading Disability भी कहा जाता है | यह Disorder Brain के उन Areas को effect करता है जो Language Process जुड़े होते हैं | अगर आपने तारे जमीन पर मूवी देखी होगी तो आप इस डिसऑर्डर को आसानी से समझ पा रहे होंगे क्योंकि वह मूवी डिस्लेक्सिया पर ही Based थी |

Dyslexia एक ऐसी Common Condition होती है जिसमें Read करना काफी टफ लगा करता है | Experts के According 15 – 20 % लोगों में यह पाया जाता है | ये किसी भी Age के Person में मिल सकता है यानी बच्चों में भी औरAdults में भी | लेकिन इनकी कई सारी Strategies होती है | जिनकी हेल्प लेकर रीडिंग के इस चैलेंज से डील करना आसान बना सकते हैं |

इसके लिए Experts की जरूरत तो होती ही है साथ ही फैमिली और दोस्तों के कंसर्न की भी | Dyslexia की वजह से रीडिंग के अलावा और राइटिंग स्पेलिंग और math में भी प्रॉब्लम आ सकती है | ऐसा नहीं है कि डिस्लेक्सिया से डील कर रहे लोग इंटेलिजेंट नहीं होते हैं बल्कि उनके Intelligence में ये Reading Issue कोई प्रॉब्लम क्रिएट ही नहीं करता |

ऐसे लोग अपनी जिंदगी में सक्सेसफुल भी होते हैं क्योंकि उनमें इंटेलिजेंस की तो कोई कमी नहीं होती ; है ना ! बस उन्हें बिना Mistake के अच्छे से रीड करने में डिफिकल्टी आती है | Fluently Read कर पाना उनके लिए पॉसिबल नहीं होता | यहां पर अच्छी बात यह है कि जब डिस्लेक्सिया से Deal कर रहे Person के सामने Read किया जाता है तो अक्सर उस Text को समझने में कोई प्रॉब्लम नहीं होती है |

ऐसे Person का Intelligence Level भी Normal होता है और Vision भी | इसीलिए ऐसे बच्चे स्कूल में बहुत अच्छा परफॉर्म करते हैं अगर उन्हें Specialized Education Program के under Educate किया जाए तो | चलिए अब आगे बढ़ते हैं और Dyslexia के Symptoms के बारे में जानते है |

Symptoms of Dyslexia  

  • छोटे बच्चे देर से बोलना शुरू करें |
  • Letters याद रखना उन्हें Tough लगे |
  • वो words को गलत प्रनंस करें |
  • नर्सरी Ryms और Songs को सीखना उनके लिए डिफिकल्ट हो तो डिसलेक्सिया की पॉसिबिलिटी हो सकती है |

स्कूल जाने वाले बच्चों को अपने Classmates की तरह reading करने में प्रॉब्लम होती है | बात को समझ पाना और लैंग्वेज से डील करना उन्हें tough लगता है | वो Sequences को याद नहीं रख पाते | Words के बीच में सिमिलरिटी और डिफरेंस को नहीं बता पाते | Right Words को Find out करना और words की सही स्पेलिंग बता पाना उनके लिए पॉसिबल नहीं हो पाता |

इसी तरह Teenagers और Adults में भी Dyslexia के Symptoms दिखाई देते हैं | जैसे –

  • Slow Reading
  • Spelling Difficulties
  • Incorrect Pronunciation of words
  • Taking more time to complete the writing exercise
  • Having trouble remembering
  • Difficulty in solving math problems
  • Not being to understand expression and jokes

इस तरह के सिम्टम्स रखने वाले लोग यानी डिस्लेक्सिया से डील करने वाले लोगों के बिहेवियर में भी abnormality आने लगती है | Low Self Steam Feel हो सकती है उन्हें Anxiety और Aggression भी Face करना पड़ सकता है और अपने दोस्तों और फैमिली के साथ रहने की बजाय वह अकेले रहना पसंद कर सकते हैं |

Symptoms of Normal Person & Dyslexia Patient :

Different Age Groups में मिलने वाले डिसलेक्सिया के यह सिम्टम्स जान लेने के बाद आपका यह जानना भी जरूरी है कि यह सिम्टम्स यह लक्षण Normal Person की Habits और Skills से काफी Match करते हैं | यानि अगर कोई बच्चा देर से बोलना शुरू करें या words को गलत प्रनंस करें तो इसका मतलब यह कंफर्म नहीं होगा कि उसे Dyslexia है |

Dyslexia meaning in Hindi | Dyslexia kya hai
Dyslexia meaning in Hindi | Dyslexia kya hai

इसी तरह अगर किसी Team या Adults को Slow Reading की Habit है या उसकी Math बहुत ही कमजोर है तो उसे भी Dyslexia हो यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है | यहां यह समझ लेना बहुत जरूरी है कि बचपन से ही बच्चे की एक्टिविटीज को अच्छे से observe किया जाए | तो Parents बहुत आसानी से जान सकते हैं कि बच्चे को कोई प्रॉब्लम हो रही है या नहीं |

इसी तरह adults भी अगर ऐसी किसी रीडिंग प्रॉब्लम से जूझ रहे हो तो उन्हें भी बिना Panic के डॉक्टर से कंसल्ट कर लेना चाहिए और हां ! अक्सर ऐसा मान लिया जाता है कि डिसलेक्सिया का मतलब Vision के साथ प्रॉब्लम होती है जबकि यह प्रॉब्लम लैंग्वेज से जुड़ी होती है |

अब डिस्लेक्सिया के सिम्टम्स जान लेने के बाद यह जानना भी जरूरी है कि आखिर इस डिसलेक्सिया के Cause क्या होते हैं यानी किन कारणों से डिस्लेक्सिया डिजीज हो सकती है |

Causes of Dyslexia :

तो अभी तक तो डिस्लेक्सिया का कोई Ping point cause तो पता नहीं चल पाया है लेकिन इसके पॉसिबल रीजंस यह माने जाते हैं – Jene’s और Heredity क्योंकि डिस्लेक्सिया एक फैमिली की कई जनरेशन में मिलता है | 40% सिबलिंग्स ऐसे होते हैं जिन्हें डिसलेक्सिया होता है |

इसके अलावा Brain की Anatomy और Activity भी डिस्लेक्सिया का रीजन बनती है और बिना डिस्लेक्सिया वाले लोगों की ब्रेन इमेजेस में डिफरेंस मिलता है | Dyslexia के इन Causes के बाद अब आपको बताते हैं कि Dyslexia को कई Categories में Divide किया गया है ताकि इसका proper treatment दिया जा सके है |

Types of Dyslexia :

इसके 4 Types है |

  1. Phonological Dyslexia : इसमें Words बनाने के लिए Letters में Sound Add करने में परेशानी होती है |
  2. Surface Dyslexia : इसे Visual Dyslexia भी कहा जाता है इसमें word को देखकर समझने में दिक्कत आती है |
  3. Rapid Naming Deficit : इसमें जल्दी-जल्दी लेटर्स और नंबर बताने में प्रॉब्लम होती है |
  4. Double Deficit Dyslexia : जिसमें Phonological Dyslexia और Rapid Naming Deficit दोनों पाए जाते हैं | 

डिसलेक्सिया के Different Types जानने के बाद अब बारी है Dyslexia के Diagnosis और Treatment के बारे में जानने की तो आइये इस बारे में जानते हैं |

Diagnosis and Treatment of Dyslexia :

इस Reading Disorder का पता पेरेंट्स को आसानी से लग सकता है और अगर टीचर बच्चे की रीडिंग हैबिट पर गौर करें तो वह भी इसे पहचान सकते हैं और इसके अकॉर्डिंग बच्चे की हेल्प कर सकते हैं |

वैसे इसके Diagnosis के लिए स्पेशलिस्ट की हेल्प ली जाती है जो उस बच्चे की Age, Development और Symptoms के बेस पर कुछ प्रकार के टेस्ट करते हैं | जैसे –

  • Oral Language skills (Listening/ Speaking)
  • Word Recognition
  • Vocabulary
  • Rapid Naming
  • Reading Reading rate or fluency
  • Auditory verbal working memory
  • Decoding
  • Spelling
  • Phonological Processing
  • Reading Comprehension

स्पेशलिस्ट को फैमिली हिस्ट्री और टीचर के Feedback की भी जरूरत पड़ती है | ये एक Life long condition होती है | इसका कोई Particular Cure तो नहीं है बस जब इसके Symptoms दिखाई दे तभी डॉक्टर से कंसल्ट करना बेहतर होता है |

कई बार तो बहुत सालों तक इसका पता ही नहीं चल पाता लेकिन अच्छी बात यह है कि जब इस राइटिंग डिसेबिलिटी का पता चले तो इसे Diagnosis करके अपने Skills को Improve किया जा सकता है और लाइफ को बेहतर बनाया जा सकता है | इसके लिए बस फैमिली फ्रेंड्स का सपोर्ट और स्पेशलिस्ट की गाइड की जरूरत पड़ती है |

Conclusion :

 दोस्तों Dyslexia Day हर साल Word Dyslexia Week Day Thursday को मनाया जाता है और साल 2021 में यह Weak 5 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक रहेगा |

हम उम्मीद करते हैं कि इस writing disorder यानि Dyslexia के बारे में अब आप काफी कुछ जान गए होंगे और इसे कैसे डील करना है और अपने आसपास मौजूद जिन लोगों को ऐसी या इससे Similar Problem Feel हो तो उन्हें कैसे ट्रीट करना है और कैसे सपोर्ट करना है यह भी आप समझ गए होंगे | और आप जान गये होंगे Dyslexia meaning in Hindi | Dyslexia kya hai  के बारे में पूरी जानकारी |

Dheeru Rajpoot

I am Dheeru Rajpoot an Entrepreneur and a Professional Blogger from the city of love and passion Kanpur Utter Pradesh the Heart of India. By Profession I'm a Blogger, Student, Computer Expert, SEO Optimizer. Google Adsense I have deep knowledge and am interested in following Services. CEO - Dheeru Blog ( Dheeru Rajpoot )

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