12 Psychological Facts in Hindi

12 Psychological Facts in Hindi : दोस्तों क्या आप जानते है कि Vestiphobia एक ऐसा Phobia है जिसमें इंसान को कपड़े पहनने से डर लगता है और यह फोबिया सबसे ज्यादा छोटे बच्चों में देखा जाता है और शायद आपने भी बचपन में इस डर का सामना किया हो या कोई ऐसा बच्चा या Person देखा हो और क्या आपको पता है on an average लगभग ज्यादातर Males अपनी जिंदगी के 6 महीने सेव करने में और अपनी लाइफ का 1 साल सिर्फ Females को घूरने में ही खर्च कर देते हैं |

12 Psychological Facts in Hindi

क्या तुम जानते कि हमारा Brain हमारे पुरे Body Weight का सिर्फ 2% होता है लेकिन फिर भी हम जितनी ऑक्सीजन लेते हैं उसका 20% सिर्फ हमारे Brain पर ही लग जाता है तो दोस्तों ऐसे ही 12 Psychological Facts in Hindi हम आपके साथ आज शेयर करेंगे |

12 Psychological Facts in Hindi

1. Know the Truth :

Daily Life Style में अगर आप किसी Person से सच बुलवाना चाहते हैं तो बार-बार उसे सच बोलने के लिए ना बोले क्योंकि साइकोलॉजी के अकॉर्डिंग जब भी आप किसी को सच बोलने के लिए incourage करते हैं तो आप उसे डरा रहे होते हो जिससे वह Person और झूठ बोलता जाता है |

इसीलिए सबसे बेस्ट तरीका है कि आप उस Person की आंखों में देखते रहो क्योंकि जब भी आप किसी से Eye Contact Maintain करते हैं और सामने वाला Person झूठ बोल रहा होता है तो वह डरने के बजाय Guilty Feel करने लगता है जिससे 80% Chances होते है कि वह इंसान शर्म की वजह से आपको सच बता देगा |

2. Your Phone Uses Shows Your Personality :

Princeton University की एक Research के according आपके Smartphone Uses का Data आपकी कई Personality Trends को डिफाइन करता है |

जैसे अगर आप कॉल पर बात करने से ज्यादा Text Massages में Comfortable Feel करते हो तो यह आपका Underconfident Nature Show करता है | जहां आप अपनी Image और Personality को लेकर बहुत Conscious रहते हो |

वहीं अगर आपको बार-बार अपना फोन चेक करने की आदत है तो यह आपका Moody Nature Show करता है | जहां आप अपने मूड के According अपने Behaviour को Change कर लेते हो और आप खुलकर अपनी इमोशंस को एक्सप्रेस नहीं कर सकते |

साथ ही आप अपने Smartphone में किस Type का Content देखते हो कैसे गाने सुनते हो कौन-कौन से Apps Use करते हो यह सभी आपकी Real Personality को Show करता है |

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3. Chewing Gum Improves Performance :

Baylor College of Medicine (BGM) के एक Experiment के According जो Students अपनी Math Class में Chewing gum खाते थे उनके Math Score बाकी Students से ज्यादा आते थे ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जिस Moment में हमारे बॉडी के जितने ज्यादा Senses Active रहते हैं हमारा Brain उस Moment में बनाई हुई Memories को ज्यादा अच्छे से याद रख पाता है |

और Chewing gum खाते टाइम हमारे Teste और Smell Receptors Active हो जाते हैं और जब हम अपने Exam के Time Chewing gum खाते हैं तो हमारा पढ़ा हुआ सब कुछ हमें अच्छे से ज्यादा लगता है जो हमारी Overall Performance को Increase करता है |

4. Strict Parents, Liar Kids :

Psychotherapist Philippa Perry कहती है बच्चे की झूठ बोलने की आदत पर उसके पेरेंट्स का सबसे ज्यादा हाथ होता है इसीलिए कभी किसी बच्चे को झूठ बोलने के लिए Blame नहीं करना चाहिए क्योंकि |

जिनके Parents बहुत ज्यादा Strict होते हैं देखा गया है कि उनके बच्चे सच बोलने में डरते हैं जो उन्हें झूठ बोलने पर मजबूर करता है और आगे जाकर को झूठ बोलने की इतनी Strong Habit Develop कर लेते हैं कि वह झूठ बोलने में Expert हो जाते हैं और साथ ही Strict Parenting का बच्चे की Mental Health पर बहुत बुरा असर भी पड़ता है और ऐसे बच्चों में Depression के Chances 40% तक बढ़ जाते हैं |

5. Lower your Pitch :

जब भी दो लोगों में कोई Argument हो रही होती है तो अपनी बात सुनाने के लिए लोग अपनी Pitch को बढ़ा देते हैं चिल्ला चिल्ला कर बात करने लगते हैं पर फिर भी सामने वाला उनकी बात सुनने को तैयार ही नहीं होता है | Psychology के According अगर आप चाहते हो कि लोग आपकी बात सुने तो आपको इसका उल्टा करना चाहिए | अपनी आवाज़ बढ़ाने के बजाय शांत और Show Pitch में अपनी बात कहो इससे आपकी बात ज्यादा Convincing लगती है जो ये Show करता है कि आप गुस्से में या Frustration में नहीं बोल रहे बल्कि सोच समझ कर बात कर रहे हो और लोग आपकी बात सुनने लगता है और आपको सीरियसली लेने लगते हैं |

6. Doubt During Competition :

किसी भी तरह के Competition या Exam के Time जब आप अपने Competitors को देखते हो तो आपका Confidence Automatically कम हो जाता है और यह उस कंपटीशन में आए सभी लोगों के लिए Same Feeling होती है |

For Example :

आपने बहुत मेहनत से एक Competitive Exam की तैयारी करी दिन-रात पढ़ाई करी और आपको पूरा विश्वास था कि आप इस एग्जाम में अच्छा परफॉर्म करोगे पर एग्जाम के दिन जब आप अपने साथ हजारों लोगों को देखते हो तो Same Exam देने आए है उस दिन आप खुद को Doubt करने लगते हो क्योंकि अब तक आप पढ़ाई करते टाइम खुद से Fight कर रहे थे |

पर Exam वाले दिन आपको अपने Real Competitors दिखते हैं जो बहुत सारे हैं और आपका Confidence Level अपने आप गिर ज्यादा है और जैसा आप सोच रहे होते हो उनमें से ज्यादातर लोग भी आप ही की तरह सोच रहे होते हैं |

7. Atelophobia :

यह एक ऐसी Psychological Condition है जिसमें इंसान को Imperfection से बहुत ज्यादा डर लगता है इसमें इंसान Mistakes करने से बहुत ज्यादा डरता है इसीलिए वह हर उस Situation को Avoid करता है जहां उन्हें लगता है कि उनसे गलती हो सकती है |

Atelophobia में इंसान खुद को बहुत Hardly Judge करता है और बहुत छोटी मोटी Mistake से बहुत ज्यादा Effect होने लगता है जो कि आगे जाकर Anxiety और Depression का Reason भी बन जाता है |

जहां इसका Prime Example आप School और College के Students में देख सकते हैं | जहाँ Notebook पर एक मिस्टेक होने से वो पूरे Page को फाड़कर दुबारा Notes लिखते हैं | National Institute of Mental Health के According 12.5% अमेरिकन इस Phobia को Experience करते हैं |

8. Banana + Pineapple = Happiness :

कुछ ऐसे Fruits है जो आपको Instantly अच्छा Feel करा सकते हैं | जैसे कि Banana और Pineapple खाने से आप Happy Feel करने लगते हो क्योंकि इन Fruits में Tryptophan नाम का एक अमीनो एसिड होता है जो हमारी बॉडी में Happy Harmon Serotonin को रिलीज करता है जो हमारी मूड को इंप्रूव करता है और हमें अच्छा फील कराता है इसीलिए जब भी आप Sad या Anxious Feel कर रहे हो तो एक Banana और थोड़ा सा Pineapple खाने से आपका Mood Instantly अच्छा हो जाएगा |

9. Self Confidence :

The State University of New York की एक साइकोलॉजिकल रिसर्च के अकॉर्डिंग जो लोग अकेले ज्यादा टाइम Spend करना पसंद करते हैं वह बाकी लोगों से ज्यादा क्रिएटिव होते हैं और उनका सेल्फ कॉन्फिडेंस भी High होता है |

इसका यह मतलब नहीं है कि आप लोगों को Hate करते हो या आपको किसी से बात करना पसंद नहीं है बल्कि इसका रीजन है कि अकेले रहने वाले लोगों को कभी किसी दूसरे Person से Interact करने की जरूरत महसूस नहीं होती |

वो ना ही खुद को दूसरों से Compare करते हैं और ना ही किसी दूसरे से अपने Thoughts और Ideas के लिए Validation की Demand करते हैं वह जितना कम लोगों के साथ टाइम स्पेंड करते हैं उनका अपनी ऊपर कॉन्फिडेंस और बढ़ता जाता है |

वहीं लोगों के ज्यादा दोस्त होते हैं जो ज्यादा Socialize करते हैं ऐसे लोग ना चाहते हुए भी हमेशा खुद को और लोगों से Compare करते रहते हैं जो उन्हें Self Doubt में डालता रहता है |

10. Afternoon Naps Increases Your Brain Power :

Psychology में 1 Term है | जिसे Biphasic Sleep कहा जाता है जिसमें कोई भी Person अपनी Sleep को दिन के 2 सेगमेंट में डिवाइड कर देता है | जहां वह रात को ज्यादा सोता है और दिन में Short Naps लेता है |

देखा यह गया है कि जो लोग Biphasic Sleep को प्रैक्टिस करते हैं उनका Cognitive Performance यानी कि Brain की Creativity और Focus बहुत ज्यादा Increase हो जाता है क्योंकि Sleeping में हमारी बॉडी और Mind को Rest मिलता है | जब आप सो रहे होते हैं तो आपके Brain के Neurons आपकी मेमोरी अच्छे से Store कर रहे होते हैं इसलिए दिन में 15 से 30 मिनट के लिए सोने से आपका Brain Rest Mode पर चला जाता है जो रिचार्ज होकर और अच्छा और Productive Perform करने लगता है |

11. Know You are Mature or Not :

Psychology के According Maturity की Definition है

“The ability to respond to the environment being aware of the correct time and location to behave and knowing when to act.”

जिसका सिंपली मतलब होता है किसी भी सिचुएशन में अपनी टाइम और लोकेशन को ध्यान में रखते हुए अपने इमोशंस को कंट्रोल में रख कर सही तरह से act करना आपको Mature बनाता है | आप कितने Mature हो यह आपकी लाइफ के छोटे-छोटे Moments में Define होता है |

For Example :

आप Daily पैसों को कैसे खर्च करते हैं | आप अपने बड़े और छोटे से किस तरह Behave करते हैं | आप बात करते टाइम दूसरों की ज्यादा सुनते हो और खुद कम बोलते हो कभी अपनी रिस्पांसिबिलिटीज से पीछे नहीं हटते और कभी भी अपने गुस्से को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते | इन्हें छोटे मोटे Treat से लोग Judge करते हैं कि आप कितने Mature हो |

12. Break Your Routine :

साइकोलॉजी के अकॉर्डिंग अगर आप Daily एक Fix Routine फॉलो करते हैं तो आपका Brain Autopilot Mode पर चला जाता है जो एक ही काम Daily Repeat Mode में करने लगता है जिससे वह ज्यादा Memories Create नहीं कर पाता और एक Fix Pattern पर बिना सोचे समझे Act करने लगता है जो आपकी Health या Habit के लिए अच्छा हो सकता है |

जैसे रोज सुबह टाइम पर उठाना, टाइम पर खाना खाना, रीडिंग करना, एक्सरसाइज करना | पैर इसका Negative Effect ये है कि आपकी हेल्थ और नॉलेज तो Improve होती रहेगी पर आपके Mind की Growth काफी Slow हो जाएगी जो ज्यादा Memories Create नहीं कर पाएगा और काफी Dull हो जाएगा तो इसीलिए साइकोलोजिस्ट कहते हैं कि आपको अपने रूटीन को break करके न्यू एक्टिविटीज करते रहना चाहिए या फिर इन सभी एक्टिविटीज के टाइम को sift करते रहना चाहिए जिससे आपके माइंड की ग्रोथ होती रहेगी |

Conclusion :

तो दोस्तों हम उम्मीद करते है कि अब आपको Psychological Facts in Hindi के बारे में पता चल होगा और हम आशा करते है कि आप हमारे द्वारा बताये गये सभी Points को ध्यानपूर्वक Follow करेंगे | तो आपको हमारा ये Article कैसा लगा हमे कमेंट बॉक्स में जरूर बताये और अगर आपका कोई सवाल है तो आप हमसे Comment box में पूछ सकते है |

Dheeru Rajpoot

I am Dheeru Rajpoot an Entrepreneur and a Professional Blogger from the city of love and passion Kanpur Utter Pradesh the Heart of India. By Profession I'm a Blogger, Student, Computer Expert, SEO Optimizer. Google Adsense I have deep knowledge and am interested in following Services. CEO - Dheeru Blog ( Dheeru Rajpoot )

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